एम्लोडीपिन टेबलेट ह्रदय की किस बीमारी में दी जाती है | Amlodipine Tablet Uses in Hindi

एम्लोडीपिन (Amlodipine) एक कैल्शियम चैनल ब्लॉकर दवाई है जिसका इस्तेमाल ब्लड प्रेशर और एनजाइना के दर्द को कम करने में किया जाता है।
 
यह हमारी नसों को रिलैक्स कर देती है जिस वजह से नसें चौड़ी हो जाती हैं और हृदय पर पड़ने वाला लोड कम हो जाता है।
 

एम्लोडीपिन (Amlodipine) की डोज

एम्लोडीपिन (Amlodipine) की शुरुआत में 5 mg की डोज दिन में एक बार दी जाती है। 
 
बाद में मरीज की कंडीशन के अनुसार डॉक्टर 10 mg प्रति दिन की डोज तक देता है। 
 
Amlodipine Tablet Uses in Hindi

 
एक दिन में अधिकतम 10 mg डोज ही देना चाहिए।
 
6 साल से कम उम्र के बच्चों को एम्लोडीपिन 0.05 mg से 0.2 mg/Kg/Day डोज देना चाहिए।
 
6 साल से लेकर 16 साल तक के बच्चों में 2.5 mg से लेकर 5 mg तक की डोज प्रति दिन दी जा सकती है।
 

एम्लोडीपिन (Amlodipine) का उपयोग किस बीमारी में किया जाता है - Amlodipine Tablet Uses in Hindi

हाइपरटेंशन (Hypertension)

एनजाइना (Angina)

कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) 

डायबिटीक नेफ्रोपैथी (Diabetic Nephropathy)

लेफ्ट वेंट्रिकल हाईपर ट्रॉफ़ी (LVH)

Raynaud's Phenomenon

साईलेंट म्योकार्डियल इस्केमिया (Silent Myocardial Ischemia)
 

एम्लोडीपिन (Amlodipine) हमारे शरीर में किस तरह काम करती है

एम्लोडीपिन (Amlodipine) हमारे शरीर की स्मूथ मसल्स कोशिकाओं और हार्ट की कोशिकाओं में पाए जाने वाले कैल्शियम चैनल को ब्लॉक करने का काम करती हैं। 
 
जब कैल्शियम चैनल ब्लॉक हो जाते हैं तो कैल्शियम आयन कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर पाते और इस कारण कोशिकाएं रिलैक्स हो जाती हैं। 
 
कोशिकाओं के रिलैक्स होकर फैलने से नसें भी रिलैक्स होकर फैल जाती हैं और ब्लड का प्रवाह आसानी से होने लगता है। 
 
इस कारण हृदय पर लोड कम हो जाता है और ह्रदय को ऑक्सीजन की समुचित सप्लाई मिलने लगती है। 
 
यह पूरा प्रॉसेस ब्लड प्रेशर को कम कर देता है।
 

एम्लोडीपिन (Amlodipine) के साईड इफैक्ट्स

चक्कर आना

चेहरा लाल हो जाना

ह्रदय गति अनियंत्रित हो जाना

चेहरे या शरीर में सूजन आ जाना

थकान होना

उल्टी होना या उल्टी जैसा महसूस होना

मसूड़ों का बढ़ जाना

नींद ना आना

पेट में दर्द होना

नपुंसकता

खून की कमी होना

नसों का डैमेज होना 

दवाई के कारण होने वाला हेपटाइटिस (Drug Induced Hepatitis)
 

एम्लोडीपिन (Amlodipine) किसको नहीं देना चाहिए

लिवर के मरीजों को

किडनी के मरीजों को

गर्भावस्था में

स्तनपान कराने वाली महिलाओं को

कम ब्लड प्रेशर के मरीजों को

शराब का सेवन करने वालों को

ह्रदय के वाल्व में समस्या वाले मरीजों को एम्लोडीपिन नहीं देना चाहिए

65 साल से ऊपर के व्यक्तियों को
 

एम्लोडीपिन (Amlodipine) किन दवाओं के साथ इंटरैक्ट करती है

कुछ दवाएं एम्लोडीपिन (Amlodipine) के साथ मिलकर इसके प्रभाव को घटा या बढ़ा देती हैं। 
 
ऐसी दवाओं को लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें जैसे

Clarithromycin, Erythromycin, Diltiazem, Verapamil, Ketoconazole, Itraconazole, Carbamazepine, Phenytoin, Phenobarbital, Primidone, Cicloaporin, Tacrolimus, Simvastatin, Sildenafil, Tadalafil, Hepatitis C and HIV Drugs

इनके अलावा हर्बल दवाएं और विटामिन के सप्लीमेंट भी एम्लोडीपिन (Amlodipine) के साथ इंटरैक्ट करते हैं।
 

एम्लोडीपिन (Amlodipine) किस समय लेना चाहिए

एम्लोडीपिन (Amlodipine) आप किसी भी समय ले सकते हैं। 
 
लेकिन आप एक समय निश्चित कर लें और रोज उसी समय के आस पास ही एम्लोडीपिन की डोज लें। 
 
एम्लोडीपिन (Amlodipine) को आप खाली पेट भी ले सकते हैं और कुछ खाने के बाद भी।
 

एम्लोडीपिन (Amlodipine) कितनी देर में अपना असर दिखाना शुरू करती है

एम्लोडीपिन (Amlodipine) 4 घंटे में अपना असर दिखाना शुरु करती है। 
 
इसके प्रभाव को पूरी तरह देखने के लिए 7 दिन तक का समय लग सकता है।

Lav Tripathi

Lav Tripathi is the co-founder of Bretlyzer Healthcare & www.capejasmine.org He is a full-time blogger, trader, and Online marketing expert for the last 12 years. His passion for blogging and content marketing helps people to grow their businesses.

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